रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद Putin की पहली भारत यात्रा: 4 दिसंबर को आएंगे पुतिन, S-400, UPI-RuPay और Su-57 लड़ाकू विमान पर बड़ी डील की उम्मीद

नई दिल्ली | रिपोर्ट : 4 दिसंबर को भारत एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनेगा, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचेंगे। रूस–यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा, जिस पर कई अहम रणनीतिक और रक्षा समझौतों पर मुहर लगने की संभावनाएँ जताई जा रही हैं।
इस उच्च-स्तरीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी, डिजिटल भुगतान कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र पर प्रमुख चर्चाएँ होंगी।
🇮🇳🇷🇺 S-400 मिसाइल सिस्टम (सुदर्शन चक्र) पर नई प्रगति
भारत को पहले से मिल रहे S-400 डिफेंस मिसाइल सिस्टम—जिसे भारत में “सुदर्शन चक्र” भी कहा जाता है—के लिए सपोर्ट सिस्टम, सर्विसिंग, अपग्रेड और अतिरिक्त यूनिट्स पर बातचीत होने के संकेत हैं।
यह सिस्टम भारत की एयर-डिफेंस क्षमताओं को कई गुना बढ़ाता है और वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थिति में इसकी महत्ता और बढ़ गई है।
UPI–RuPay इंटीग्रेशन पर बड़ा कदम?
भारत और रूस UPI और RuPay कार्ड इंटीग्रेशन पर एक ऐतिहासिक समझौते की दिशा में बढ़ सकते हैं।
यदि डील पक्की हुई, तो:
भारतीय पर्यटक रूस में UPI का उपयोग कर सकेंगे।
RuPay कार्ड रूस में मान्य हो सकता है।
रूस भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल का उपयोग कर अपनी अर्थव्यवस्था में नया विकल्प जोड़ सकेगा।
यह कदम दोनों देशों के बीच रुपये-रूबल आधारित भुगतान प्रणाली को भी मजबूत करेगा।
🛩️ भारत–रूस रक्षा वार्ता: Su-57 फाइटर जेट डील पर नज़रें
सबसे अहम और संभावित रूप से ऐतिहासिक चर्चा फिफ्थ जनरेशन Su-57 (Sukhoi-57) स्टील्थ फाइटर जेट पर होगी।
सूत्रों के अनुसार भारत 3–4 स्क्वाड्रन (लगभग 54–72 विमान) खरीदने पर सहमति जता सकता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि रूस इस प्रोजेक्ट के लिए:
100% तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer)
सभी पार्ट्स का उत्पादन भारत में
पूर्ण एयरक्राफ्ट मैन्यूफ़ैक्चरिंग में स्थानीयकृत उत्पादन
के लिए तैयार है—जो भारत की मेक इन इंडिया – एयरोस्पेस क्षमता को एक नई ऊँचाई देगा।
रूसी अधिकारियों ने नासिक स्थित HAL (Hindustan Aeronautics Limited) के Su-30MKI मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट को Su-57 निर्माण के लिए
“सर्वश्रेष्ठ और पूरी तरह उपयुक्त” बताया है।
🇮🇳 भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
भारत पाँचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट्स की दुनिया में प्रवेश करेगा।
रक्षा आत्मनिर्भरता को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
रूस–भारत रणनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी।
डॉलर-मुक्त व्यापार प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम होगा।
निष्कर्ष
पुतिन का यह दौरा भारत–रूस संबंधों में एक नया अध्याय खोल सकता है।
S-400, UPI, RuPay कनेक्टिविटी और Su-57 जैसी हाई-टेक रक्षा साझेदारियों से जुड़े संभावित समझौते न केवल रणनीतिक रूप से बल्कि आर्थिक और तकनीकी रूप से भी भारत को मजबूती प्रदान करेंगे।
4 एवं 5 दिसंबर की यह बैठक आने वाले वर्षों की भारत–रूस साझेदारी का स्वरूप तय कर सकती है।



