HomeEditorialसंपादकीय: बिहार का 'एक्सप्रेस-वे युग' – विकास की नई रफ़्तार और चुनौतियांEditorialसंपादकीय: बिहार का 'एक्सप्रेस-वे युग' – विकास की नई रफ़्तार और चुनौतियांAuthor: Pushkar SinghJan 5, 202614 viewsLike story0
EditorialJan 7, 2026संपादकीय: जेएनयू और 'असहमति' की बदलती परिभाषा - मर्यादा और अराजकता के बीच की लकीरदेश के सबसे प्रतिष्ठित और बौद्धिक रूप से उर्वर माने जाने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन दुर्भ…183
EditorialJan 6, 2026बिहार के किसानों के लिए जरूरी खबर: आज से शुरू हुआ डिजिटल 'किसान आईडी' का महाअभियान, नहीं बनवाया तो रुक सकता है PM किसान का पैसा(पटना/ब्यूरो): बिहार के किसानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार के कृषि विभाग ने किसानों को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान देने के उद…131
EditorialDec 29, 2025संपादकीय: लोकतंत्र का ढोंग और भीतर की तानाशाही: क्या राहुल गांधी कांग्रेस को अपनी 'जागीर' और नेताओं को 'गुलाम' समझते हैं?भारतीय राजनीति के पटल पर विडंबनाओं का दौर जारी है। विडंबना यह है कि जो व्यक्ति दिन-रात देश में 'लोकतंत्र की हत्या' और 'संविधान खतरे में है'…233
EditorialDec 26, 2025संपादकीय: "नकाब ओढ़ लेने से गुनाह नहीं छिपते: तारिक रहमान का 'हवा भवन' वाला इतिहास भारत के लिए 'रेड अलर्ट' है"बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान की छवि को सुधारने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन क्या भारत उनकी 'हव…201