HomeEditorialसंपादकीय: वंदे मातरम' के 'अधूरे' गान पर संसद में शोर, लेकिन जनता की 'पूरी' बर्बादी पर खामोशी क्यों?Editorialसंपादकीय: वंदे मातरम' के 'अधूरे' गान पर संसद में शोर, लेकिन जनता की 'पूरी' बर्बादी पर खामोशी क्यों?Author: Manoj Kumar SinghDec 10, 202517 viewsLike story2#Vande Matram Winter Session
EditorialJan 7, 2026संपादकीय: जेएनयू और 'असहमति' की बदलती परिभाषा - मर्यादा और अराजकता के बीच की लकीरदेश के सबसे प्रतिष्ठित और बौद्धिक रूप से उर्वर माने जाने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन दुर्भ…183
EditorialJan 6, 2026बिहार के किसानों के लिए जरूरी खबर: आज से शुरू हुआ डिजिटल 'किसान आईडी' का महाअभियान, नहीं बनवाया तो रुक सकता है PM किसान का पैसा(पटना/ब्यूरो): बिहार के किसानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार के कृषि विभाग ने किसानों को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान देने के उद…131
EditorialJan 5, 2026संपादकीय: बिहार का 'एक्सप्रेस-वे युग' – विकास की नई रफ़्तार और चुनौतियांदिनांक: 5 जनवरी, 2026: बिहार में आधारभूत संरचना का कायाकल्प और एक्सप्रेस-वे का बढ़ता जाल बदलते बिहार की नई तस्वीर एक समय था जब बिहार की पहचा…140
EditorialDec 29, 2025संपादकीय: लोकतंत्र का ढोंग और भीतर की तानाशाही: क्या राहुल गांधी कांग्रेस को अपनी 'जागीर' और नेताओं को 'गुलाम' समझते हैं?भारतीय राजनीति के पटल पर विडंबनाओं का दौर जारी है। विडंबना यह है कि जो व्यक्ति दिन-रात देश में 'लोकतंत्र की हत्या' और 'संविधान खतरे में है'…233