बुंडू (रांची)। झारखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा Digital India और E-Governance को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। इन दावों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना और व्यवस्था में Transparency (पारदर्शिता) लाना है। लेकिन रांची जिले के Bundu Nagar Panchayat (बुंडू नगर पंचायत) क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इन सभी दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि Online Portal के माध्यम से भूमि का Revenue (लगान) जमा करने और Online Lagan Rasid (ऑनलाइन लगान रसीद) प्राप्त करने की सुविधा पूरी तरह से चरमरा गई है। इसके पीछे तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि Circle Office (अंचल कार्यालय) में पनप रहा Corruption (भ्रष्टाचार) मुख्य कारण बताया जा रहा है।1. WhatsApp Group के जरिए सामने आया Corruption का मामलाआज के Digital Age में Social Media जनता की आवाज़ उठाने का सबसे सशक्त माध्यम बन गया है। बुंडू क्षेत्र के एक स्थानीय WhatsApp Group "हमारा बुंडू - समस्या और समाधान" में 7 अप्रैल को एक नागरिक द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय निवासी संजय यादव ने इस Group में एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए Local Administration (स्थानीय प्रशासन) की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, Bundu Nagar Panchayat क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली जमीनों का Online Payment करने के बावजूद रसीद निर्गत नहीं की जा रही है। यह शिकायत केवल एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि कई ऐसे लोग हैं जो अपने Land Records (भूमि रिकॉर्ड) को अपडेट कराने और लगान चुकाने के लिए महीनों से Circle Office के चक्कर काट रहे हैं।2. Un-official Payment (अनौपचारिक भुगतान) के बिना नहीं हो रहा कामसंजय यादव द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, व्यवस्था में एक बड़ा Scam (घोटाला) या यूं कहें कि अवैध वसूली का खेल चल रहा है। आरोप है कि जब तक Circle Office के कर्मियों को Bribe (घूस) या अतिरिक्त Un-official Payment नहीं किया जाता, तब तक Online Lagan Rasid जारी नहीं की जाती है। System को इस तरह से Manipulate (हेरफेर) किया गया है कि आम नागरिक खुद से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ महसूस करता है और थक-हारकर बिचौलियों या भ्रष्ट कर्मचारियों की शरण में जाने को मजबूर हो जाता है। यह सीधे तौर पर Public Harassment (जनता का उत्पीड़न) है, जो सरकार की Zero Tolerance Policy (भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति) पर एक बड़ा तमाचा है।3. Transparency (पारदर्शिता) पर उठते गंभीर सवालसरकार ने Land Revenue System (भूमि राजस्व प्रणाली) को Online इसलिए किया था ताकि Transparency बनी रहे और Revenue Collection (राजस्व वसूली) सीधे सरकारी खजाने में जाए। लेकिन बुंडू में जो हालात हैं, उससे व्यवस्था की Accountability (जवाबदेही) पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब कोई व्यक्ति Online Portal पर जाता है, तो उसे अक्सर सर्वर डाउन, डाटा नॉट फाउंड या अन्य Technical Glitches (तकनीकी खामियां) बताकर टरका दिया जाता है। लेकिन जैसे ही Table Under the Table (मेज के नीचे से) लेन-देन होता है, रातों-रात सारी तकनीकी खामियां दूर हो जाती हैं और रसीद Generate (उत्पन्न) हो जाती है। इस दोहरी नीति ने आम जनता का Trust (भरोसा) सरकारी Online System से उठा दिया है।4. High-Level Investigation (उच्च स्तरीय जांच) की मांगइस गंभीर समस्या को लेकर संजय यादव और बुंडू के अन्य जागरूक नागरिकों ने WhatsApp Group और अन्य Social Media Platforms के माध्यम से उच्चाधिकारियों से High-Level Investigation (उच्च स्तरीय जांच) की मांग की है। उनकी मुख्य मांग है कि Sub-Divisional Magistrate (एसडीएम) और Deputy Commissioner (उपायुक्त) इस मामले का संज्ञान लें। जिन कर्मियों पर Bribe लेने के आरोप लग रहे हैं, उनकी कार्यप्रणाली का Audit (ऑडिट) किया जाना चाहिए। नागरिकों का कहना है कि जब तक दोषियों पर Strict Action (कड़ी कार्रवाई) नहीं होगी, तब तक System में सुधार की गुंजाइश न के बराबर है।5. Administrative Silence (प्रशासनिक चुप्पी) और आगे की राहखबर लिखे जाने तक इस पूरे विवाद पर Bundu Circle Officer (बुंडू अंचल अधिकारी) या Nagar Panchayat Administration (नगर पंचायत प्रशासन) की ओर से कोई भी Official Statement (आधिकारिक बयान) जारी नहीं किया गया है। यह Administrative Silence (प्रशासनिक चुप्पी) आम जनता के गुस्से को और भड़का रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि Ranchi District Administration (रांची जिला प्रशासन) शीघ्र ही इस मामले में Intervention (हस्तक्षेप) करेगा। अगर जल्द ही Online Lagan Rasid की समस्या का समाधान नहीं हुआ और भ्रष्ट कर्मियों पर नकेल नहीं कसी गई, तो स्थानीय लोग Protest (विरोध प्रदर्शन) करने को मजबूर होंगे। यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि Digital Services (डिजिटल सेवाएं) वास्तव में Public Convenience (जन सुविधा) के लिए काम करें, न कि अधिकारियों की जेब भरने का साधन बनें।