Nawada / Patna: बिहार में अपराध और नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में Bihar Police और Special Task Force (STF) को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हाथ लगी है। जमुई और नवादा के पहाड़ी व जंगली इलाकों में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने दो कुख्यात पूर्व नक्सली और वांछित अपराधी (Wanted Criminals) पंकज यादव और पवन सिंह को पुलिस ने धर दबोचा है।यह गिरफ्तारी Bihar STF, नवादा जिला पुलिस और Jharkhand Police के एक बेहतरीन Joint Operation (संयुक्त अभियान) का नतीजा है। पकड़े गए अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने भारी मात्रा में Illegal Weapons (अवैध हथियार) और कारतूस भी बरामद किए हैं। आइए इस पूरे पुलिस ऑपेरशन और अपराधियों की Crime History (आपराधिक कुंडली) को विस्तार से जानते हैं।1. Joint Operation और सटीक Intelligence से मिली सफलतापुलिस विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, Bihar STF को एक पुख्ता और गुप्त सूचना (Intelligence Input) मिली थी कि नवादा जिले के गोविन्दपुर और कौआकोल थाना क्षेत्र के घने पहाड़ी और जंगली इलाकों में कुछ कुख्यात अपराधी अवैध हथियारों के साथ मूवमेंट कर रहे हैं। ये अपराधी न सिर्फ हथियारों का प्रदर्शन कर रहे थे, बल्कि इस दुर्गम जंगल का फायदा उठाकर Illegal Liquor Smuggling (अवैध शराब की तस्करी) का बड़ा नेक्सस भी चला रहे थे।इस सटीक सूचना के आधार पर दिनांक 08 मार्च 2026 को Bihar Police और Jharkhand Police ने मिलकर एक रणनीति तैयार की। अपराधियों की लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस की संयुक्त टीम ने झारखंड के गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र में एक गुप्त Raid (छापेमारी) की, जहाँ से दोनों कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया।2. कौन हैं गिरफ्तार अपराधी पंकज यादव और पवन सिंह? (Criminal Profiles)गिरफ्तार किए गए दोनों ही अपराधी बेहद खतरनाक पृष्ठभूमि से आते हैं और पूर्व में कई गंभीर आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं:पहला अपराधी: पंकज यादव, जो मूल रूप से जमुई जिले के चरकापत्थर थाना अंतर्गत चिल्काखार गांव का रहने वाला है। यह एक कुख्यात पूर्व नक्सली (Former Naxalite) है।दूसरा अपराधी: पवन सिंह, जो कोडरमा जिले के सतगावां थाना अंतर्गत दाती भागलपुर का रहने वाला है। यह पंकज यादव का बेहद करीबी और कई वारदातों में उसका मुख्य सहयोगी रहा है।गिरफ्तारी के बाद दोनों को नवादा लाया गया, जहां उनके खिलाफ गोविन्दपुर थाना में कांड संख्या 65/26 (दिनांक 08.03.2026) के तहत एक नई FIR दर्ज़ की गई है।3. सुअरलेटी डैम से भारी मात्रा में Illegal Weapons की बरामदगीपुलिस की कड़ाई से हुई पूछताछ (Interrogation) के दौरान दोनों अपराधियों ने अपने जुर्म कबूल कर लिए। उनके Confessional Statement (स्वीकारोक्ति बयान) के आधार पर नवादा पुलिस की एक विशेष टीम ने गोविन्दपुर थाना क्षेत्र में स्थित सुअरलेटी डैम के पास एक सुनसान पहाड़ी इलाके में तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया।इस दौरान पुलिस ने चट्टानों और झाड़ियों के बीच छिपाकर रखे गए हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया। पुलिस द्वारा की गई Recovery (बरामदगी) की सूची इस प्रकार है:देसी पिस्टल (Country-made Pistol): 01 पीसदेसी कट्टा (Country-made Katta): 01 पीस (यही वह हथियार है जिसका इस्तेमाल पूर्व नक्सली लखन यादव की हत्या में किया गया था).315 बोर का रायफल (.315 Bore Rifle): 01 पीसदोनाली बंदूक (Double Barrel Gun - DBBL): 01 पीस8 MM का जिंदा कारतूस (Live Cartridges): 02 पीस7 ZDK लिखा हुआ जिंदा कारतूस: 01 पीस7.65 KF लिखा हुआ जिंदा कारतूस: 20 पीसSHAKTIMAN EXPRESS 12 लिखा हुआ जिंदा कारतूस: लाल रंग के 03 पीस और सफेद रंग के 03 पीस।यह हथियारों का जखीरा साफ तौर पर इस बात की ओर इशारा करता है कि ये अपराधी किसी बड़ी आपराधिक घटना (Major Crime Incident) या गिरोह युद्ध (Gang War) की योजना बना रहे थे।4. लखन यादव और पूर्व मुखिया की निर्मम Murder का हुआ खुलासाइन अपराधियों की गिरफ्तारी से जमुई और नवादा क्षेत्र में हुई दो बेहद चर्चित और सनसनीखेज Murder Cases (हत्या के मामलों) का भी खुलासा हो गया है।लखन यादव हत्याकांड: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल दिसंबर 2025 में जमुई के चकरापत्थर थाना क्षेत्र में पूर्व नक्सली लखन यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी (कांड संख्या 143/25, दिनांक 28.12.2025)। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इस हाई-प्रोफाइल मर्डर में पंकज यादव और पवन सिंह दोनों शामिल थे। बरामद किया गया देसी कट्टा इसी हत्या में प्रयुक्त (Murder Weapon) हुआ था।पूर्व मुखिया राजेश यादव हत्याकांड: इसके अलावा, जमुई जिले के ही चंद्रदीप थाना क्षेत्र में वहां के पूर्व मुखिया राजेश यादव की भी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। पुलिस पूछताछ में पवन सिंह ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता (Involvement) स्वीकार कर ली है।5. अपराधियों पर दर्ज़ मामलों का लंबा इतिहास (Criminal Record)पंकज यादव और पवन सिंह का आपराधिक इतिहास (Criminal Background) काफी लंबा और खौफनाक रहा है।कुख्यात Pankaj Yadav पूर्व में कई नक्सली वारदातों (Naxal Incidents) में मुख्य सूत्रधार रहा है। उसके खिलाफ बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में हत्या, Arms Act (आयुध अधिनियम) और नक्सल हिंसा से जुड़े कुल 06 गंभीर मामले (Cases) दर्ज़ हैं।वहीं, अपराधी Pawan Singh भी पीछे नहीं है। उसके खिलाफ भी हत्या, रंगदारी (Extortion), और Arms Act के तहत बिहार और झारखंड में कुल 03 मामले दर्ज़ हैं।6. पुलिस प्रशासन का रुख और आगे की Legal Actionइन दोनों वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी को जमुई, नवादा और कोडरमा के सीमावर्ती इलाकों में शांति व्यवस्था कायम करने की दिशा में एक Milestone (मील का पत्थर) माना जा रहा है। पुलिस अब इन अपराधियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोश लोगों और Arms Suppliers (हथियार तस्करों) की तलाश कर रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों